योगी सरकार ने भेजे 29.43 करोड़ रुपये, 14,717 ओबीसी बेटियों को मिला शादी अनुदान

नीरज द्विवेदी। लखनऊ, उत्तर प्रदेश में बेटियों की शादी को लेकर आर्थिक रूप से कमजोर ओबीसी परिवारों के लिए राहत की बड़ी खबर सामने आई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सरकार की शादी अनुदान योजना का लाभ इस वित्तीय वर्ष में रिकॉर्ड संख्या में लोगों तक पहुंच रहा है। महज कुछ महीनों में ही 82 हजार से ज्यादा आवेदन आए हैं, जबकि 14 हजार से अधिक पात्र बेटियों के खातों में करोड़ों रुपये की सहायता सीधे ट्रांसफर की जा चुकी है। आखिर क्या है यह योजना, किन लोगों को मिलेगा इसका लाभ और सरकार का आगे का लक्ष्य क्या है? आइए जानते हैं इस रिपोर्ट में।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार की शादी अनुदान योजना आर्थिक रूप से कमजोर अन्य पिछड़ा वर्ग यानी ओबीसी परिवारों के लिए बड़ी मदद साबित हो रही है। बेटी की शादी का खर्च अक्सर गरीब परिवारों के लिए सबसे बड़ी चिंता होती है। ऐसे में सरकार की यह योजना उन्हें आर्थिक सहारा दे रही है।

वित्तीय वर्ष 2026-27 की शुरुआत के कुछ ही महीनों में योजना के प्रति लोगों का भरोसा बढ़ा है। अब तक 82 हजार से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें से जांच के बाद 14,717 पात्र लाभार्थियों को योजना का लाभ दिया जा चुका है। सरकार ने इन लाभार्थियों के बैंक खातों में सीधे 29 करोड़ 43 लाख रुपये की राशि डीबीटी के माध्यम से भेजी है। इससे पूरी प्रक्रिया पारदर्शी बनी है और बिचौलियों की भूमिका पूरी तरह खत्म हुई है।

सरकार ने इस वित्तीय वर्ष में 1 लाख 5 हजार पात्र लाभार्थियों को योजना से जोड़ने का लक्ष्य तय किया है। शुरुआती महीनों में मिले रिकॉर्ड आवेदन इस बात का संकेत हैं कि लोगों का भरोसा इस योजना पर लगातार बढ़ रहा है। सरकार का उद्देश्य है कि कोई भी पात्र परिवार आर्थिक तंगी के कारण बेटी की शादी में परेशानी का सामना न करे।

योजना के तहत प्रत्येक पात्र बेटी की शादी के लिए 20 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। यह राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में ट्रांसफर की जाती है। योजना का लाभ उन्हीं परिवारों को मिलता है जिनकी वार्षिक आय एक लाख रुपये या उससे कम है।

इसके साथ ही कुछ जरूरी शर्तें भी निर्धारित की गई हैं। विवाह के समय लड़की की न्यूनतम आयु 18 वर्ष और लड़के की न्यूनतम आयु 21 वर्ष होना अनिवार्य है। आवेदन प्रक्रिया में दिव्यांग, विधवा, दैवीय आपदा से प्रभावित तथा भूमिहीन परिवारों को प्राथमिकता दी जाती है ताकि सबसे जरूरतमंद लोगों को पहले सहायता मिल सके।

पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के निदेशक उमेश प्रताप सिंह का कहना है कि शादी अनुदान योजना गरीब और जरूरतमंद ओबीसी परिवारों के लिए बड़ी राहत बनकर सामने आई है। उन्होंने बताया कि कुछ ही महीनों में 82 हजार से अधिक आवेदन प्राप्त होना योजना के प्रति लोगों के बढ़ते विश्वास को दर्शाता है। विभाग लगातार पात्र आवेदनों का सत्यापन कर लाभार्थियों के खातों में सहायता राशि भेज रहा है।

सरकार का कहना है कि पिछड़े वर्ग के उत्थान और सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करने के लिए ऐसी जनकल्याणकारी योजनाओं का विस्तार लगातार किया जा रहा है, ताकि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को समय पर सहायता मिल सके और बेटियों का विवाह सम्मानपूर्वक संपन्न हो सके।

रिकॉर्ड आवेदन, हजारों लाभार्थियों के खातों में सीधे पहुंची सहायता राशि और एक लाख से ज्यादा परिवारों तक योजना पहुंचाने का लक्ष्य। यह तस्वीर बताती है कि शादी अनुदान योजना गरीब ओबीसी परिवारों के लिए आर्थिक सहारे का महत्वपूर्ण माध्यम बनती जा रही है। अब देखना होगा कि सरकार तय लक्ष्य को कितनी तेजी से पूरा कर पाती है।

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