नीरज द्विवेदी। लखनऊ: विश्व युवा कौशल दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों, विशेषकर युवाओं के नाम एक प्रेरक पाती लिखते हुए कौशल विकास को उत्तर प्रदेश के उज्ज्वल भविष्य की सबसे बड़ी ताकत बताया। उन्होंने कहा कि विकसित उत्तर प्रदेश और एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था का सपना तभी साकार होगा, जब प्रदेश का हर युवा किसी न किसी कौशल में दक्ष होगा। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे अपनी शिक्षा के साथ कम से कम एक व्यावसायिक कौशल अवश्य सीखें, क्योंकि यही उन्हें आत्मनिर्भर और सफल बनाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की सनातन परंपरा में कर्म और कौशल का विशेष महत्व रहा है। उन्होंने रामसेतु निर्माण का उदाहरण देते हुए कहा कि यह केवल आस्था का प्रतीक नहीं, बल्कि उत्कृष्ट कार्यकुशलता, संगठन क्षमता और नवाचार का भी अद्भुत उदाहरण है। उन्होंने कहा कि आज का युवा भी यदि अपने कौशल को निखारे, तो वह किसी भी चुनौती को अवसर में बदल सकता है।
अपने पत्र में मुख्यमंत्री ने सोनभद्र की युवा उद्यमी हेमा की सफलता की कहानी साझा की। उन्होंने बताया कि हेमा ने केवल 20 हजार रुपये की पूंजी से फर्नीचर का व्यवसाय शुरू किया था और आज उनका कारोबार लाखों रुपये तक पहुंच चुका है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह उदाहरण साबित करता है कि प्रतिभा और मेहनत के साथ सरकारी योजनाओं का लाभ लेकर कोई भी युवा सफलता हासिल कर सकता है।
सीएम योगी ने कहा कि पिछले नौ वर्षों में प्रदेश सरकार ने कौशल विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। इसी दिशा में विश्व युवा कौशल दिवस पर ‘कौशल सेतु’ और ‘कौशल सारथी’ जैसी नई पहलों की शुरुआत की गई है। इन योजनाओं का उद्देश्य युवाओं को उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप प्रशिक्षण देना और उन्हें बेहतर रोजगार के अवसरों से जोड़ना है।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश आज तेजी से आईटी, इलेक्ट्रॉनिक्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में नई पहचान बना रहा है। ‘टेक युवा-समर्थ युवा’ पहल के माध्यम से युवाओं को आधुनिक तकनीकों का प्रशिक्षण देकर भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि ‘एक जनपद, एक उत्पाद (ODOP)’ योजना ने प्रदेश के पारंपरिक हुनर को वैश्विक मंच तक पहुंचाया है। वहीं मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान युवाओं को अपना व्यवसाय शुरू करने के लिए प्रोत्साहित कर रहा है। प्रोजेक्ट प्रवीण के तहत विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ निःशुल्क व्यावसायिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जबकि ‘स्किल फॉर जीरो पॉवर्टी’ पहल गरीब परिवारों के सदस्यों को कौशल प्रशिक्षण देकर आत्मनिर्भर बना रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश का एमएसएमई सेक्टर आज लगभग 4 करोड़ युवाओं के लिए रोजगार के अवसर तैयार कर चुका है। उन्होंने लाभार्थियों से अपील की कि वे सरकारी योजनाओं की जानकारी अन्य युवाओं तक भी पहुंचाएं, ताकि अधिक से अधिक लोग इनका लाभ उठा सकें।
अपने संदेश के अंत में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि “कौशल केवल रोजगार पाने का माध्यम नहीं, बल्कि रोजगार देने की शक्ति भी है। कौशल ही आत्मनिर्भर भारत, आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश और विकसित राष्ट्र के निर्माण की सबसे मजबूत नींव है।” उन्होंने विश्वास जताया कि प्रदेश का युवा अपने हुनर, नवाचार और परिश्रम के दम पर उत्तर प्रदेश को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगा।




