नीरज द्विवेदी। लखनऊ: कमिश्नरेट लखनऊ पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए विभूतिखंड स्थित समिट बिल्डिंग में संचालित एक अंतरराष्ट्रीय साइबर फ्रॉड कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किया है। संयुक्त अभियान में पुलिस ने कुल 119 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। कार्रवाई के दौरान 103 लैपटॉप, 177 कॉलिंग मोबाइल फोन, कई डिजिटल उपकरण, महत्वपूर्ण दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य बरामद किए गए हैं।
पुलिस के अनुसार यह संगठित गिरोह इंटरनेट आधारित कॉलिंग प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर विदेशी नागरिकों, विशेष रूप से संयुक्त राज्य अमेरिका (USA) के लोगों को निशाना बनाता था। आरोपी प्रतिष्ठित कंपनियों और सरकारी एजेंसियों के नाम पर फर्जी कॉल कर लोगों को डराते या झांसा देते थे। इसके बाद गिफ्ट कार्ड, क्रिप्टोकरेंसी और अन्य ऑनलाइन माध्यमों से ठगी की रकम वसूल की जाती थी।
जांच में सामने आया कि गिरोह का संचालन अत्यंत संगठित तरीके से किया जा रहा था। कॉल सेंटर में अलग-अलग टीमों को विदेशी नागरिकों से संपर्क करने, उन्हें विश्वास में लेने और भुगतान कराने की जिम्मेदारी दी गई थी। पुलिस का मानना है कि इस नेटवर्क के तार देश के विभिन्न राज्यों से जुड़े लोगों तक फैले हुए हैं।
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने गिरोह के कथित ऑपरेशन मैनेजर ललित खैराजानी और विक्रम सिंह परमार सहित कई प्रमुख सदस्यों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में गुजरात, महाराष्ट्र, राजस्थान, झारखंड, उत्तर प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर और अन्य राज्यों के निवासी भी शामिल हैं, जो लखनऊ में किराये के फ्लैटों और अपार्टमेंट्स में रहकर इस नेटवर्क का संचालन कर रहे थे।
यह पूरी कार्रवाई पुलिस आयुक्त अमरेंद्र कुमार सेंगर के निर्देशन, संयुक्त पुलिस आयुक्त (अपराध एवं मुख्यालय) अपर्णा कुमार के पर्यवेक्षण तथा पुलिस उपायुक्त अपराध अनिल कुमार यादव के मार्गदर्शन में की गई। अभियान का नेतृत्व अपर पुलिस उपायुक्त (अपराध) किरण यादव (IPS) ने किया। साइबर क्राइम सेल और थाना साइबर क्राइम पुलिस की संयुक्त टीम ने 1 जुलाई 2026 को इस ऑपरेशन को सफलतापूर्वक अंजाम दिया।
पुलिस के अनुसार मामले में बरामद इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और डिजिटल साक्ष्यों की फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है। साथ ही साइबर फ्रॉड से जुड़े बैंक खातों, क्रिप्टो ट्रांजैक्शन, डिजिटल वॉलेट और अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की भी जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि इस गिरोह से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश जारी है और जांच के आधार पर आगे भी कई महत्वपूर्ण खुलासे होने की संभावना है।
कमिश्नरेट लखनऊ ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी अनजान कॉल, ईमेल या ऑनलाइन संदेश के माध्यम से बैंकिंग जानकारी, ओटीपी, गिफ्ट कार्ड या क्रिप्टोकरेंसी से जुड़ा कोई भी भुगतान न करें। किसी भी संदिग्ध साइबर गतिविधि की सूचना तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 या नजदीकी साइबर पुलिस स्टेशन को दें।


