राम मंदिर चढ़ावा मामले में FIR दर्ज, 8 लोग नामजद, जांच का दायरा बढ़ा
नीरज द्विवेदी। लखनऊ: अयोध्या के राम मंदिर चढ़ावा मामले में बड़ा प्रशासनिक कदम उठाते हुए एफआईआर दर्ज कर ली गई है। एसआईटी की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने आठ लोगों को नामजद करते हुए आगे की जांच शुरू कर दी है।
एफआईआर में पैसा गिनने वाली टीम से जुड़े कर्मचारियों और प्रभारी स्तर के लोगों के नाम शामिल किए गए हैं। जांच एजेंसियों का दावा है कि कुछ आरोपी कथित तौर पर सीसीटीवी फुटेज में संदिग्ध गतिविधियों के दौरान दिखाई दिए हैं। इसी आधार पर मामला दर्ज कर कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ाई जा रही है।
नामजद आरोपियों में रमा शंकर मिश्रा, टिन्नू यादव, मनीष यादव, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, अविनाश शुक्ला, करुणेश पांडेय और सुभाष श्रीवास्तव शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान यदि किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
मामले की एक अहम बात यह है कि एफआईआर में राम मंदिर ट्रस्ट के किसी सदस्य का नाम शामिल नहीं किया गया है। ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय का नाम भी एफआईआर में नहीं है। हालांकि उनके ड्राइवर टिन्नू यादव को नामजद आरोपियों की सूची में शामिल किया गया है।
पुलिस ने गैर-जमानती धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया है। एफआईआर में कथित चोरी, धन के गबन और चोरी की संपत्ति से जुड़े पहलुओं का उल्लेख किया गया है। मामला भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के अंतर्गत दर्ज किया गया है।
यह कार्रवाई ट्रस्ट सदस्य कृष्ण मोहन की शिकायत पर की गई है। अब पुलिस और एसआईटी दोनों स्तरों पर जांच जारी है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी तरह साक्ष्यों के आधार पर आगे बढ़ेगी और दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
राम मंदिर से जुड़े इस मामले ने राजनीतिक हलकों में भी हलचल बढ़ा दी है। एफआईआर दर्ज होने के बाद अब सभी की नजर जांच की अगली रिपोर्ट और संभावित गिरफ्तारियों पर टिकी हुई है।




