भारतीय भाषाओं के संरक्षण और रचनात्मक शिक्षा को बढ़ावा देगा ‘भारतीय भाषा ग्रीष्मकालीन शिविर-2026’ : मंत्री संदीप सिंह

लखनऊ: प्रदेश के परिषदीय एवं कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में बुधवार से ‘भारतीय भाषा ग्रीष्मकालीन शिविर-2026’ का आयोजन प्रारंभ हो रहा है। शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार के निर्देशों के क्रम में आयोजित यह विशेष शिविर 13 मई से 19 मई 2026 तक संचालित किया जाएगा। शिविर का शुभारंभ केंद्रीय शिक्षा मंत्री द्वारा किया जाएगा।

प्रदेश के बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री संदीप सिंह ने कहा कि नई शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप बच्चों को भारतीय भाषाओं, लोक परंपराओं और सांस्कृतिक मूल्यों से जोड़ना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि भारतीय भाषा ग्रीष्मकालीन शिविर-2026 बच्चों में भाषाई दक्षता, रचनात्मकता और आत्मविश्वास विकसित करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम बनेगा। इस शिविर के माध्यम से विद्यार्थियों को अपनी मातृभाषा एवं भारतीय भाषाओं की समृद्ध विरासत को समझने और अपनाने का अवसर मिलेगा।

महानिदेशक, स्कूल शिक्षा मोनिका रानी ने समस्त डायट प्राचार्यों, बेसिक शिक्षा अधिकारियों, खंड शिक्षा अधिकारियों एवं जिला समन्वयकों को शिविर का प्रभावी संचालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि शिविर के दौरान विद्यार्थियों को भारतीय भाषाओं, लोक संस्कृति, कहानी, कविता, संवाद, गीत, नाटक एवं अन्य रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ने पर विशेष बल दिया जाएगा।

विभाग द्वारा शिविर में आयोजित की जाने वाली गतिविधियों की सुझावात्मक सूची भी सभी जनपदों को उपलब्ध करा दी गई है। साथ ही स्थानीय स्तर पर कार्यरत स्वयंसेवी संस्थाओं के सहयोग से कार्यक्रमों को अधिक प्रभावी एवं आकर्षक बनाने के निर्देश दिए गए हैं। शिविर के आयोजन पर होने वाला व्यय विद्यालयों की कंपोजिट ग्रांट से वहन किया जाएगा।

बेसिक शिक्षा विभाग का उद्देश्य विद्यार्थियों को भारतीय भाषाओं की समृद्ध परंपरा से जोड़ते हुए उनके भाषाई कौशल का विकास करना तथा रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से सीखने की प्रक्रिया को आनंददायक बनाना है। विभाग द्वारा सभी जनपदों को शिविर का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं, ताकि अधिक से अधिक विद्यार्थी इस अभियान से जुड़ सकें।

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