यूपी कैबिनेट की बैठक में 27 प्रस्तावों पर मुहर, स्टार्टअप, पशुधन बीमा, स्वास्थ्य, खेल और शिक्षा समेत कई बड़े फैसले

नीरज द्विवेदी। लखनऊ, 06 जुलाई। उत्तर प्रदेश सरकार की कैबिनेट बैठक में सोमवार को कुल 27 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक के बाद मंत्रियों ने प्रेस वार्ता कर विभिन्न विभागों से जुड़े फैसलों की जानकारी दी। इन निर्णयों का उद्देश्य राज्य में निवेश बढ़ाने, किसानों और पशुपालकों को सुरक्षा प्रदान करने, श्रमिकों के स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार, खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहन तथा उच्च शिक्षा के क्षेत्र में नए अवसर उपलब्ध कराना है।

 

आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग से जुड़े फैसलों की जानकारी देते हुए मंत्री सुनील शर्मा ने बताया कि प्रदेश में निवेश और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए उत्तर प्रदेश स्टार्टअप मिशन की स्थापना को मंजूरी दी गई है। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश स्टार्टअप नीति 2026 और उत्तर प्रदेश डेटा सेंटर नीति 2026 को भी स्वीकृति प्रदान की गई है। सरकार का मानना है कि इन नीतियों से रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और प्रदेश तकनीकी निवेश का प्रमुख केंद्र बनेगा।

 

पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह ने बताया कि कैबिनेट ने मुख्यमंत्री जोखिम प्रबंधन एवं पशुधन बीमा योजना को मंजूरी दे दी है। योजना प्रदेश के सभी 75 जिलों में लागू होगी। इसके तहत लघु एवं सीमांत किसान, पशुपालक और डेयरी संचालक अपने पशुओं का बीमा करा सकेंगे। बीमा प्रीमियम का 85 प्रतिशत हिस्सा राज्य सरकार और 15 प्रतिशत लाभार्थी वहन करेंगे। महामारी, दुर्घटना, अपंगता या पशु की मृत्यु जैसी परिस्थितियों में यह योजना आर्थिक सुरक्षा प्रदान करेगी।

 

श्रम एवं सेवायोजन विभाग के प्रस्तावों के तहत गोरखपुर और मुरादाबाद में 100-100 बेड के ईएसआईसी अस्पताल तथा वाराणसी में ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज की स्थापना का रास्ता साफ हो गया है। इसके लिए संबंधित भूमि भारत सरकार को निःशुल्क उपलब्ध कराई जाएगी। मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की 50 प्रतिशत सीटें श्रमिकों के बच्चों के लिए आरक्षित रहेंगी।

 

खेल एवं युवा कल्याण विभाग के प्रस्ताव के अनुसार ओलंपिक, पैरालंपिक, एशियन गेम्स और कॉमनवेल्थ गेम्स में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को लोक सेवा आयोग की प्रक्रिया से बाहर रखते हुए सीधी भर्ती का अवसर मिलेगा। विभिन्न खेल पदों पर उनकी नियुक्ति की जाएगी।

 

उच्च शिक्षा विभाग के अंतर्गत तीन निजी संस्थाओं को विश्वविद्यालय स्थापित करने के लिए लेटर ऑफ परमिशन (एलओपी) जारी करने का निर्णय लिया गया है। वहीं वित्त विभाग के प्रस्तावों में शाहजहांपुर की जलालाबाद नगर पालिका का नाम बदलकर परशुरामपुरी किए जाने, राज्य कर्मचारियों के वर्दी भत्ते, गोरखपुर और मुरादाबाद नगर निगम के म्युनिसिपल बॉन्ड तथा होमगार्ड जवानों के लिए ₹5 लाख तक की कैशलेस चिकित्सा सुविधा को भी मंजूरी दी गई।

 

कृषि विभाग के प्रस्ताव के तहत रायबरेली में उद्यान महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र की स्थापना को स्वीकृति मिली है। इसके लिए कृषि विभाग की 20 हेक्टेयर भूमि उपलब्ध कराई जाएगी। सरकार का कहना है कि यह संस्थान उद्यानिकी शिक्षा, अनुसंधान और आधुनिक कृषि तकनीकों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

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