उत्तराखंड में आबादी से लगे वन क्षेत्रों में होगा मधुमक्खी पालन। धामी कैबिनेट ने मौनपालन नीति को दी मंजूरी।

मा0 मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी

 

देहरादून। उत्तराखंड की पुष्कर सिंह धामी सरकार की गुरुवार को सचिवालय में हुई बैठक में राज्य से जुड़े कई अहम फैसलों पर मुहर लगाई गई। धामी कैबिनेट की बैठक में मौनपालन नीति के प्रस्ताव पर मुहर लग गई है। उत्तराखंड में आबादी से लगे वन क्षेत्रों में होगा मधुमक्खी पालन। मौनपालन से बढ़ेगी आय। मानव और हाथी संघर्ष भी इससे कम होगा। बैठक में कुल 18 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इसके अलावा कई अहम फैसले भी लिए गए हैं। जिनमें परिवहन, शिक्षा, वन और कुंभ मेला व्यवस्थाओं से जुड़े कई बड़े फैसले शामिल हैं। सरकार ने मोटरयान संशोधन नियमावली 2026 समेत कई नीतिगत बदलावों को मंजूरी दी है।

शहद उत्पादन के क्षेत्र में उत्तराखंड मॉडल राज्य बनेगा। इसके दृष्टिगत 71.05 प्रतिशत वन भूभाग वाले इस राज्य के जंगलों में मौनपालन को नीति बनाई जाएगी, ताकि वहां भी मौनबाक्स रखकर शहद उत्पादन किया सके।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को मुख्य सेवक सदन में आयोजित उत्तराखंड वन विकास निगम के रजत जयंती समारोह में प्रमुख सचिव वन आरके सुधांशु को इसके निर्देश दिए। कैबिनेट की मुहर के बाद संपूर्ण राज्य के लिए एसओपी तैयार की जाएगी।

आबकारी नीति में व्यय दर 6% निर्धारित की गई थी, जिसके अनुरूप वाणिज्य कर विभाग ने अपनी नियमावली में संशोधन को मंजूरी दी।

परिवहन विभाग के तहत बसों की खरीद को मंजूरी दी गई। पहले 100 बसों की अनुमति थी, लेकिन जीएसटी दर 28% से घटकर 18% होने के बाद अब 109 बसें खरीदी जाएंगी।

उत्तराखंड अधीनस्थ वन सेवा नियमावली 2016 में संशोधन को मंजूरी।वन दरोगा की आयु सीमा 21 से 35 वर्ष तय की गई।

वन आरक्षी की आयु सीमा 18 से बढ़ाकर 25 वर्ष की गई।

जिला सैनिक कल्याण अधिकारी को अब सदस्य के रूप में शामिल किया जाएगा।

उत्तराखंड अल्पसंख्यक अधिनियम 2025 पहले ही अधिसूचित किया जा चुका है।

कक्षा 1 से 8 तक के 452 मदरसों को अब जिला स्तर से मान्यता मिलेगी।

कक्षा 9 से 12 तक के लगभग 52 मदरसों को उत्तराखंड बोर्ड से मान्यता लेनी होगी। इस संबंध में जल्द अध्यादेश लाया जाएगा।
प्रतीक्षा सूची (वेटिंग लिस्ट) अब एक वर्ष तक ही वैध मानी जाएगी।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुरूप विशेष शिक्षा शिक्षकों की अर्हता तय करने वाली नियमावली को मंजूरी।

सहायक अध्यापकों के लिए सेवा नियमावली को स्वीकृति।
लोक निर्माण विभाग (लोनिवि): हाईकोर्ट के आदेश के संदर्भ में जेई भर्ती से जुड़े मामलों की जानकारी कैबिनेट के संज्ञान में लाई गई।

कैबिनेट ने कुंभ मेले की व्यवस्थाओं को लेकर भी बड़ा फैसला लिया। अब कुंभ से जुड़े 1 करोड़ रुपये तक के कार्य मेला अधिकारी, 5 करोड़ तक के कार्य गढ़वाल आयुक्त और इससे अधिक लागत वाले कार्य शासन स्तर से स्वीकृत किए जाएंगे। इससे कामकाज में तेजी आने की उम्मीद है।

वर्कचार्ज कर्मियों से जुड़े निर्णय पर हाईकोर्ट के स्टे की जानकारी दी गई।

डी श्रेणी के ठेकेदारों को अब 1 करोड़ की जगह 1.5 करोड़ रुपये तक के कार्य मिल सकेंगे।

मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा शोध प्रोत्साहन योजना का लाभ अब 21 अशासकीय कॉलेजों तक बढ़ाया गया।

वन सीमा क्षेत्रों में मधुमक्खी पालन को बढ़ावा देने के लिए नई नीति को मंजूरी। इससे स्थानीय लोगों की आय बढ़ेगी और मानव-हाथी संघर्ष में कमी आने की उम्मीद है। वन सीमा मौन पालन मधुमक्खी आधारित आजीविका एवं मानव-वन्य जीव संघर्ष नियमावली 2026 को भी स्वीकृति दी गई।

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