
FSSAI ने अप्रैल 2026 में जारी नई एडवाइजरी में हेल्थ सप्लीमेंट्स और फूड प्रोडक्ट्स में अश्वगंधा की पत्तियों के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगा दिया है, क्योंकि इनमें मौजूद विथाफेरिन-ए यौगिक लिवर और नसों को नुकसान पहुंचा सकता है। अब केवल जड़ों (roots) का उपयोग मान्य है। हालाँकि, शोध बताते हैं कि अच्छी गुणवत्ता वाली जड़ का अर्क तनाव और अनिद्रा के लिए प्रभावी है।
अश्वगंधा पर FSSAI अपडेट (अप्रैल 2026):
पत्तियों पर बैन: FSSAI ने साफ किया है कि किसी भी न्यूट्रास्युटिकल या हेल्थ सप्लीमेंट में पत्तियों का कच्चा, सूखा या अर्क इस्तेमाल नहीं होगा, केवल जड़ का उपयोग किया जा सकता है।
जड़ के इस्तेमाल पर कोई रोक नहीं
अश्वगंधा की जड़ों का इस्तेमाल सदियों से आयुर्वेद में बड़े पैमाने पर होता आया है। अगर सही तरीके से इस्तेमाल किया जाए, तो इसे काफी हद तक सुरक्षित माना जाता है। इसलिए, नियामक सिर्फ जड़ से बने अर्क वाले प्रोडक्ट्स के इस्तेमाल की इजाजत देते हैं। यह पारंपरिक इस्तेमाल और सुरक्षा से जुड़े पहले से तय मानकों के मुताबिक है।
वैज्ञानिक कारण: शोध में पाया गया कि पत्तियों में विषाक्तता (toxicity) हो सकती है, जो लीवर, पेट और नसों को नुकसान पहुंचा सकती है।
लेबलिंग के निर्देश: कंपनियों को अब अपने उत्पाद के लेबल पर स्पष्ट रूप से लिखना होगा कि वे पौधे के किस हिस्से (जड़) का उपयोग कर रहे हैं।
गुणवत्ता की जांच: असली अश्वगंधा की खुशबू घोड़े की गंध (मिट्टी जैसी) जैसी होती है। पाउडर खरीदते समय इसकी पहचान महत्वपूर्ण है।
अश्वगंधा की पत्तियों का साइड इफेक्ट
शोधों के मुताबिक, अश्वगंधा के अंदर रिएक्टिव विदएनोलाइड्स कंपाउंड होते हैं, जिन्हें साइटोटॉक्सिक एजेंट माना जाता है। यानी ये सेल्स के लिए खतरनाक होते हैं और उन्हें विकसित होने नहीं देते और डैमेज कर देते हैं। इन कंपाउंड्स में से Withaferin-A के अंदर सामान्य सेल्स और कैंसर सेल्स दोनों के प्रति साइटोटॉक्सिक क्षमता काफी ज्यादा होती है। जबकि दूसरे कंपाउंड की साइटोटॉक्सिक क्षमता हल्की होती है और वो भी केवल कैंसर वाली सेल्स के खिलाफ ही।
कैसे कर सकते हैं अश्वगंधा का इस्तेमाल?
अश्वगंधा एक स्वास्थ्यवर्धक जड़ी-बूटी है और इसका आयुर्वेद व यूनानी चिकित्सा में काफी उपयोग किया जाता है। FSSAI के मुताबिक, फूड प्रोडक्ट बनाने वाली कंपनियां ऊपर बताई गई कैटेगरी के प्रोडक्ट्स के उत्पादन में केवल अश्वगंधा की जड़ या उसके एक्सट्रेक्ट (रस) का उपयोग कर सकते हैं, वो भी निर्धारित सीमा के अंदर ही। स्वास्थ्य लाभ (शोध आधारित): 22 अध्ययनों के मेटा-विश्लेषण से पता चला है कि यह तनाव, चिंता और डिप्रेशन को कम करने में सहायक है।
सावधानी: इसे लेने से पहले डॉक्टर से सलाह लें, विशेष रूप से यदि आप पहले से ही कोई अन्य दवा ले रहे हैं।

