IIT में नहीं मिला एडमिशन, छात्र ने वेबसाइट की हैक; संस्थान ने दिया दूसरा मौका

Neeraj Dwivedi Updated, July 29, 2026

कानपुर: आईआईटी कानपुर के नए बैचलर ऑफ साइबर सिक्योरिटी प्रोग्राम में एडमिशन नहीं मिलने के बाद एक छात्र द्वारा आईआईटी कानपुर और आईआईटी मद्रास की आधिकारिक वेबसाइटों के कुछ हिस्सों तक अनधिकृत पहुंच बनाने का मामला सामने आया है। छात्र ने बाद में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X और Reddit पर स्क्रीनशॉट साझा करते हुए इसकी जिम्मेदारी भी ली।

जानकारी के अनुसार, छात्र ने बैचलर इन साइबर सिक्योरिटी कोर्स में प्रवेश के लिए आवेदन किया था। उसका दावा है कि उसने आवेदन प्रक्रिया पूरी की, फीस जमा की, सभी जरूरी दस्तावेज और अपने साइबर सिक्योरिटी स्किल्स के प्रमाण भी अपलोड किए थे। इसके बावजूद उसका चयन नहीं हुआ। इसके बाद उसने वेबसाइट पर “Site is hacked. All I need is just a fair chance” यानी “मुझे सिर्फ एक निष्पक्ष मौका चाहिए” संदेश छोड़ दिया।

छात्र का कहना था कि उसका उद्देश्य किसी तरह का नुकसान पहुंचाना नहीं था, बल्कि अपनी तकनीकी क्षमता को दिखाना था। उसने यह भी दावा किया कि उसे एडमिशन प्रक्रिया के दौरान हैकाथॉन में अपनी योग्यता दिखाने का अवसर नहीं मिला।

मामला सामने आने के बाद आईआईटी कानपुर प्रशासन ने इसकी समीक्षा की। शुरुआती स्तर पर छात्र के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने पर विचार किया गया, लेकिन बाद में उसके भविष्य और तकनीकी क्षमता को देखते हुए संस्थान ने कानूनी कार्रवाई नहीं करने का फैसला लिया।

आईआईटी कानपुर के निदेशक प्रोफेसर मनिंद्र अग्रवाल ने पुष्टि की कि छात्र ने आईआईटी कानपुर और आईआईटी मद्रास की वेबसाइटों के कुछ हिस्सों तक अनधिकृत पहुंच बनाई थी। उन्होंने बताया कि छात्र को इस वर्ष प्रवेश प्रक्रिया में इसलिए शॉर्टलिस्ट नहीं किया गया था क्योंकि उसके पास साइबर सिक्योरिटी में आवश्यक पूर्व अनुभव नहीं था।

उन्होंने कहा कि मौजूदा शैक्षणिक सत्र की प्रवेश प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, इसलिए इस समय एडमिशन संभव नहीं है। हालांकि, छात्र को संस्थान बुलाकर उसकी तकनीकी क्षमता का उचित परीक्षण किया जाएगा। यदि वह अपनी योग्यता साबित करता है, तो उसे आईआईटी कानपुर के C3iHub में इंटर्नशिप का अवसर दिया जा सकता है। साथ ही अगले एडमिशन साइकिल में उसे प्रवेश का अवसर भी मिल सकता है।

प्रोफेसर मनिंद्र अग्रवाल ने यह भी स्पष्ट किया कि बिना अनुमति किसी भी साइबर सिस्टम में प्रवेश करना गैरकानूनी है और साइबर सुरक्षा कौशल प्रदर्शित करने का यह सही तरीका नहीं माना जा सकता। संस्थान छात्र को यह भी समझाएगा कि भविष्य में अपनी प्रतिभा का उपयोग कानून और नैतिक मानकों के अनुरूप ही किया जाना चाहिए।

फिलहाल, आईआईटी कानपुर ने छात्र की पहचान सार्वजनिक नहीं की है।

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