मानसून सत्र से पहले सीएम योगी का विपक्ष पर तीखा हमला, आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए बड़ा ऐलान, किसानों से लेकर राम मंदिर तक कई मुद्दों पर सरकार का पक्ष

Neeraj Dwivedi, Updated, 3 August 2026

लखनऊ, 3 अगस्त। उत्तर प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र की शुरुआत से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को आयोजित पत्रकार वार्ता में विपक्ष पर तीखा राजनीतिक हमला बोलते हुए सरकार की प्राथमिकताओं और आगामी एजेंडे को विस्तार से रखा। मुख्यमंत्री ने राम मंदिर, किसानों, युवाओं, महिलाओं, आउटसोर्स कर्मचारियों, रोजगार, निवेश और सावन-कांवड़ यात्रा समेत कई अहम मुद्दों पर सरकार की उपलब्धियां गिनाईं और विपक्ष से सदन की कार्यवाही को सकारात्मक ढंग से चलाने की अपील की।

सबसे पहले मुख्यमंत्री ने राम मंदिर में चढ़ावे को लेकर लगाए जा रहे आरोपों पर विपक्ष को घेरते हुए कहा कि जो लोग आज चंदे की चोरी की बात कर रहे हैं, उन्होंने कभी राम मंदिर निर्माण के लिए एक रुपया तक नहीं दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि यही लोग अयोध्या आंदोलन के दौरान रामभक्तों पर लाठी और गोली चलवाने वाले थे तथा अदालत में मंदिर निर्माण को रोकने के लिए वकीलों की फौज खड़ी करते रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि देश और दुनिया विपक्ष के इस दोहरे चरित्र को देख रही है।

पत्रकार वार्ता की सबसे बड़ी घोषणा आउटसोर्स कर्मचारियों को लेकर रही। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार एक से डेढ़ सप्ताह के भीतर आउटसोर्स कमीशन लागू करने जा रही है, जिससे आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए न्यूनतम मानदेय सुनिश्चित होगा। उन्होंने बताया कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, आशा बहुओं, रसोइयों और ग्राम चौकीदारों के मानदेय में सुधार के लिए भी सरकार ने अनुपूरक बजट में विशेष प्रावधान किए हैं ताकि इन वर्गों को सम्मानजनक पारिश्रमिक मिल सके।

किसानों के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर तीखा हमला करते हुए कहा कि जिन दलों के शासन में किसान पानी, खाद और भुगतान जैसी मूलभूत सुविधाओं के लिए परेशान रहते थे, वही आज किसानों के हितैषी बनने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना और अन्य योजनाओं का लाभ किसानों को मिला है। मुख्यमंत्री के अनुसार उत्तर प्रदेश में 24 लाख हेक्टेयर अतिरिक्त भूमि सिंचाई के दायरे में आई है और किसान अब एक के बजाय तीन से चार फसलें उगाने में सक्षम हो रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि पैक हाउस और आधुनिक कृषि सुविधाओं के कारण प्रदेश की बागवानी फसलों का निर्यात भी बढ़ा है।

खाद की उपलब्धता पर मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ जिलों में पोर्टल संबंधी तकनीकी समस्याएं जरूर आई थीं, लेकिन सरकार ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि किसानों को खाद की कमी का सामना नहीं करना पड़े। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश सरकार ने अब तक 3.23 लाख करोड़ रुपये से अधिक का गन्ना मूल्य भुगतान किया है और 105 से अधिक चीनी मिलें चार से पांच दिन के भीतर किसानों के खातों में भुगतान कर रही हैं। उन्होंने समाजवादी पार्टी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि उनके समय में वर्षों तक गन्ना मूल्य बकाया रहता था और किसान आर्थिक संकट झेलने को मजबूर थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विधानसभा और विधान परिषद जनता की समस्याओं के समाधान का सबसे महत्वपूर्ण लोकतांत्रिक मंच हैं। उन्होंने विपक्ष से अपील की कि वह नकारात्मक राजनीति छोड़कर प्रदेश के विकास, कानून व्यवस्था, रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और किसानों से जुड़े मुद्दों पर रचनात्मक चर्चा करे। उन्होंने कहा कि नौ वर्षों में सरकार ने जनप्रतिनिधियों से मिले सुझावों के आधार पर अनेक योजनाएं तैयार कीं, जिनसे उत्तर प्रदेश की छवि बदली और राज्य आज राजस्व अधिशेष (Revenue Surplus) तथा देश की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हुआ है।

महिलाओं के सशक्तिकरण पर मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 में प्रदेश में महिला श्रमबल की भागीदारी लगभग 12 प्रतिशत थी, जो अब बढ़कर 37 से 38 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है। उन्होंने बताया कि मिशन शक्ति अभियान के तहत महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन के लिए कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं। साथ ही सरकार सभी बड़े शहरों में कामकाजी महिलाओं के लिए श्रमजीवी हॉस्टल भी बना रही है।

युवाओं के रोजगार पर मुख्यमंत्री ने कहा कि बेहतर कानून व्यवस्था, निवेश और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के कारण प्रदेश में बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा हुए हैं। उन्होंने दावा किया कि सरकार ने नौ लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी दी है, जिनमें महिलाओं की भागीदारी भी उल्लेखनीय रही है। वहीं एक जनपद-एक उत्पाद (ODOP) और पीएम विश्वकर्मा योजना जैसी योजनाओं ने स्थानीय उद्योगों और पारंपरिक कारीगरों को नई पहचान दी है।

सावन माह और कांवड़ यात्रा का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने शिवभक्तों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि हरिद्वार से गंगाजल लाने वाले करोड़ों कांवड़ियों की सुरक्षा, सुविधा और स्वागत के लिए सरकार, प्रशासन और सामाजिक संगठन मिलकर कार्य कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि 7 अगस्त से विधानसभा और विधान परिषद के सदस्य भी सावन से जुड़े विभिन्न आयोजनों में भाग लेंगे।

मुख्यमंत्री ने सरकारी कर्मचारियों, संविदा और आउटसोर्स कर्मियों के योगदान की भी सराहना करते हुए कहा कि पिछले नौ वर्षों में उन्होंने प्रदेश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इसी कारण सरकार उनके कल्याण के लिए लगातार नई योजनाएं लागू कर रही है। शिक्षामित्रों, अनुदेशकों और विभिन्न शिक्षण संस्थानों के शिक्षकों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा देने और मानदेय बढ़ाने जैसे फैसलों का भी उन्होंने उल्लेख किया।

पत्रकार वार्ता में उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, ब्रजेश पाठक, संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना, कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, कृषि राज्यमंत्री बलदेव सिंह औलख सहित कई वरिष्ठ मंत्री और अधिकारी उपस्थित रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *