Neeraj Dwivedi Updated, 21 July 2026 18:05 PM IST
हरिद्वार: उत्तराखंड सरकार ने महाकुंभ-2027 की तैयारियों को नई गति देते हुए हरिद्वार को आधुनिक, सुरक्षित और विश्वस्तरीय आध्यात्मिक नगरी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को हरिद्वार-ऋषिकेश गंगा कॉरिडोर के अंतर्गत लगभग 235 करोड़ रुपये की चार प्रमुख आधारभूत अवसंरचना परियोजनाओं का भूमि पूजन और शिलान्यास किया। उत्तराखंड निवेश एवं आधारभूत संरचना विकास बोर्ड (यूआईआईडीबी) द्वारा संचालित इन परियोजनाओं का उद्देश्य न केवल महाकुंभ-2027 के लिए बेहतर व्यवस्थाएं तैयार करना है, बल्कि पूरे वर्ष हरिद्वार आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं, कांवड़ यात्रियों और पर्यटकों को आधुनिक एवं सुरक्षित सुविधाएं उपलब्ध कराना भी है।
मुख्यमंत्री ने अलकनंदा होटल, हरिद्वार में आयोजित कार्यक्रम के दौरान 43.25 करोड़ रुपये की प्रशासनिक मार्ग कॉरिडोर विकास परियोजना का भूमि पूजन किया। इसके अलावा 66.76 करोड़ रुपये की लागत से हर की पैड़ी एवं सुभाष घाट के पुनरुद्धार, 66.34 करोड़ रुपये से हर की पैड़ी के उत्तर क्षेत्र में आधारभूत अवसंरचना विकास तथा 58.84 करोड़ रुपये की लागत से रोड़ी बेलवाला क्षेत्र के पुनर्विकास कार्यों का शिलान्यास किया। इन परियोजनाओं के पूरा होने से गंगा घाटों की सुंदरता बढ़ेगी, भीड़ प्रबंधन बेहतर होगा और श्रद्धालुओं को अधिक सुरक्षित एवं सुविधाजनक वातावरण मिलेगा।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सरकार का लक्ष्य हरिद्वार को केवल धार्मिक आस्था का केंद्र बनाए रखना नहीं, बल्कि इसे विश्वस्तरीय आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन नगरी के रूप में विकसित करना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी परियोजनाएं निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरी हों और निर्माण कार्यों की गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता न किया जाए। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में पारदर्शिता और गुणवत्ता सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत अपनी सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और पुनर्जागरण की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। इसी सोच के तहत उत्तराखंड सरकार हरिद्वार-ऋषिकेश गंगा कॉरिडोर के साथ-साथ केदारखंड मंदिर माला मिशन, मानसखंड मंदिर माला मिशन, शारदा कॉरिडोर, गोल्ज्यू कॉरिडोर और विवेकानंद कॉरिडोर जैसी महत्वाकांक्षी परियोजनाओं पर भी तेजी से कार्य कर रही है। उनका कहना था कि इन योजनाओं से धार्मिक पर्यटन को नई पहचान मिलेगी और राज्य की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी महाकुंभ-2027 भारत की सांस्कृतिक एकता और आध्यात्मिक चेतना का सबसे बड़ा आयोजन होगा। इसे इतिहास का सबसे दिव्य, भव्य, सुरक्षित और सुव्यवस्थित महाकुंभ बनाने के लिए राज्य सरकार युद्धस्तर पर तैयारियां कर रही है। इसी उद्देश्य से हरिद्वार में नए घाटों और पुलों का निर्माण, प्रमुख सड़कों का चौड़ीकरण, आधुनिक ट्रैफिक प्रबंधन, हेलीपोर्ट, पॉड टैक्सी और हर की पैड़ी से मां चंडी देवी एवं मां मनसा देवी तक रोपवे जैसी परियोजनाओं पर तेजी से काम चल रहा है।
उन्होंने बताया कि बहादराबाद-सिडकुल से शिवालिक नगर तक सड़क चौड़ीकरण, ज्वालापुर और शिवालिक नगर के बीच रोह नदी पर नए पुल का निर्माण तथा पतंजलि योगपीठ से फेरूपुर तक संपर्क मार्ग के सुदृढ़ीकरण जैसे कार्य भी तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। साथ ही लालढांग क्षेत्र में पुल एवं झूला पुल, शंकराचार्य फ्लाईओवर के नीचे गेम जोन, मोतीचूर फ्लाईओवर के नीचे पार्किंग, पार्क और कॉमर्शियल कॉम्प्लेक्स विकसित किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन परियोजनाओं से स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा, पर्यटन और व्यापार को बढ़ावा मिलेगा तथा हरिद्वार की अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार विकास के साथ-साथ उत्तराखंड की सांस्कृतिक अस्मिता और देवभूमि की मूल पहचान को सुरक्षित रखते हुए राज्य को विकास के नए शिखर तक पहुंचाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।




