जनगणना की तारीख घोषित, यूपी में दो चरणों में होगी जनगणना, पहला चरण 22 मई से होगा शुरू


यूपी में जनगणना कब होगी, इसकी तारीख सामने आ गई है। जनगणना दो चरणों में होगी, जिसमें पहला चरण 22 मई 2026 से शुरू होगा।

आईएएस शीतल वर्मा ने आज प्रेस कांफ्रेंस में भारत की 16वीं जनगणना को लेकर यूपी का जनगणना कार्यक्रम घोषित कर दिया गया है। उन्होंने बताया, यूपी में जनगणना के लिए 5.25लाख अधिकारी और कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है, जिसमें सभी 18 मंडल आयुक्त, 75 जिलाधिकारी के साथ-साथ 17 नगर आयुक्त, 600 जिला स्तर के अधिकारी, 1195 चार्ज अधिकारी, 285 मास्टर ट्रेनर, 6939 फील्ड ट्रेनर्स के अलावा 5 लाख पर्यवेक्षक और प्रगणक शामिल हैं।

यूपी में 2 चरणों में होगी जनगणना, जिसमें से प्रथम चरण मकानसूचीकरण एवं मकानों की गणना का कार्य 22 मई से 20 जून, 2026 की अवधि में एवं द्वितीय चरण-जनसंख्या गणना का फरवरी, 2027 में संपादित होगा। जनगणना में भारत में निवासरत सभी व्यक्ति (नागरिक एवं गैर-नागरिक) की गणना की जाती है।

भारत की जनगणना विश्व की सबसे बड़ी प्रशासनिक एवं सांख्यिकीय प्रक्रियाओं में से एक है। भारत की पहली जनगणना वर्ष 1872 में आयोजित की गई थी। यह देश के विभिन्न हिस्सों में अलग-अलग समय पर आयोजित किया गया था। 1881 में एक साथ पूरे देश की जनगणना संपादित हुई थी। 1872 के बाद भारत की जनगणना 2027 इस श्रृंखला में 16 वीं और स्वतंत्रता के बाद 8 वीं होगी।

वर्तमान शताब्दी की तृतीय जनगणना वर्ष 2027 में संपादित की जानी है, जो राष्ट्र एवं राज्य के भावी विकास हेतु आधारभूत एवं विश्वसनीय आँकड़े उपलब्ध कराएगी। जनगणना गाँव, नगर और वार्ड स्तर प्राथमिक आंकड़ों का सबसे बड़ा स्रोत है।

जनगणना 2027 का कार्य देश में पहली बार डिजिटली कराया जाएगा, जिसमें स्व-गणना भी एक होगा। प्रथम चरण हेतु स्व-गणना कार्य के लिए राज्य में मकानसूचीकरण कार्य प्रारम्भ होने की अवधि निर्धारित की गई है, जो कि 07 मई से 21 मई, 2026 तक होगी। स्व-गणना विकल्प के तहत व्यक्ति अपनी जानकारी ऑनलाइन (se.census.gov.in) स्वयं भर सकते हैं।

स्व-गणना प्रक्रिया में जानकारी भरने के पश्चात SE ID जेनरेट होगा, जिसे 22 मई से 20 जून दौरान प्रगणक द्वारा घर-घर आने पर, SE ID को प्रगणक के साथ साझा किया जाना है। प्रगणक के उपरांत ही मकानसूचीकरण एवं मकानों की गणना का कार्य पूर्ण होगा। स्व-गणना ऐक्छिक नहीं। प्रगणक, 22 मई से 20 जून, 2026 तक की अवधि में प्रत्येक घर जाकर जानकारी अवश्य दर्ज करेंगे।

प्रगणक 22 मई से 20 जून, 2026 के मध्य पर-घर जाकर प्रत्येक मकान एवं उसमें निवासरत परिवारों से भारत सरकार द्वारा अधिसूचित 33 प्रश्न, जो कि मकानों कि स्थिति, परिवारों को उपलब्ध सुविधाएं तथा परिसंपत्तियों से संबंधित हैं, की जानकारी मोबाइल एप के द्वारा संकलित करेंगे।

जनगणना का कार्य जनगणना अधिनियम, 1948 तथा जनगणना नियमावली, 1990 के प्रावधानों के अंतर्गत संपादित किया जाता है। इन प्रावधानों के अनुसार जनगणना में संकलित समस्त व्यक्तिगत जानकारी पूर्णतः गोपनीय रखी जाती है तथा इसे किसी से भी साझा नहीं किया जाता है। टैक्स, पुलिस या इत्यादि जांच भी में इस जानकारी का उपयोग नहीं किया जा सकता है। इसका उपयोग किसी भी प्रकार के साक्ष्य के रूप में नहीं किया जा सकता। इन आंकड़ों का उपयोग समेकित रूप से केवल प्रदेश एवं देश के विकास की योजनाएं बनाने हेतु किया जाता है।

राज्य में जनगणना 2027 का कार्य 75 जिले, 783 नगरीय निकाय एवं 350 तहसीलों के अंतर्गत 1.04 लाख ग्रामों में संपादित कराये जाएंगे। जनगणना कार्य संपादित करने के लिए राज्य में 350 ग्रामीण चार्ज एवं 845 नगरीय चार्ज हैं। इन चार्जों के अंतर्गत लगभग 3,90,000 मकानसूचीकरण ब्लॉक बनाए गए हैं। इन मकानसूचीकरण ब्लॉकों में प्रगणकों के द्वारा घर-घर जाकर मकानसूचीकरण का कार्य संपादित किया जाएगा।

 जनगणना 2027 कार्य के लिए जन सामान्य हेतु जनगणना से संबन्धित जानकारी के लिए टोल फ्री नंबर 1855 स्थापित किया गया है।

अपील

सभी नागरिकों से अनुरोध है कि वे जनगणना कार्य में पूर्ण सहयोग प्रदान करें, सही एवं सटीक जानकारी उपलब्ध कराएं, प्रगणकों के साथ सहयोगात्मक व्यवहार करें, स्व-गणना का अधिकाधिक उपयोग करें।

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