Neeraj Dwivedi Updated, 22 July 2026 18:30 PM IST
देहरादून। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास में पूर्व अपर सचिव आर.सी. लोहनी द्वारा लिखित पुस्तक ‘सेवा विधि’ का विमोचन किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि यह पुस्तक केवल एक प्रकाशन नहीं, बल्कि सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए एक ऐसी व्यवहारिक मार्गदर्शिका है, जो उन्हें सेवा नियमों, संवैधानिक प्रावधानों और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को बेहतर ढंग से समझने में मदद करेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी सेवा केवल नौकरी नहीं, बल्कि जनता के प्रति जिम्मेदारी और राष्ट्रसेवा का माध्यम है। इसलिए हर अधिकारी और कर्मचारी का दायित्व है कि वह ईमानदारी, पारदर्शिता और पूर्ण समर्पण के साथ अपने कर्तव्यों का पालन करे। उन्होंने कहा कि सही निर्णय लेने के लिए नियमों और कानूनों की स्पष्ट जानकारी होना उतना ही जरूरी है जितना सेवा भाव होना।
सीएम धामी ने कहा कि उत्तराखंड राज्य गठन के बाद अब तक ऐसी कोई समग्र पुस्तक उपलब्ध नहीं थी, जिसमें सरकारी सेवा से जुड़े नियम, शासनादेश, संवैधानिक प्रावधान और उच्चतम व उच्च न्यायालयों के महत्वपूर्ण निर्णय सरल भाषा में एक ही स्थान पर संकलित हों। ‘सेवा विधि’ इस कमी को दूर करने का महत्वपूर्ण प्रयास है।
उन्होंने कहा कि एक अच्छा लोकसेवक वही होता है, जो नियमों को बाधा नहीं, बल्कि जनहित का माध्यम बनाता है। कई अधिकारी नियमों की मूल भावना को समझते हुए उन्हीं के दायरे में रहकर जनता के हित में समाधान निकालते हैं और यही सुशासन की असली पहचान है। शासन का अंतिम उद्देश्य केवल नियमों का पालन कराना नहीं, बल्कि आम लोगों का जीवन आसान बनाना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब कोई अधिकारी किसी गरीब को उसका अधिकार दिलाता है, किसी किसान, महिला, युवा या बुजुर्ग तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाता है या किसी नागरिक की समस्या का समाधान करता है, तब वह वास्तव में राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभा रहा होता है। इसलिए ईमानदारी के साथ-साथ नियमों और कानूनों की गहरी समझ भी हर लोकसेवक के लिए आवश्यक है।
पुस्तक के लेखक आर.सी. लोहनी ने बताया कि ‘सेवा विधि’ में सरकारी सेवाओं से जुड़े संवैधानिक प्रावधान, अधिनियम, नियम, विनियम, शासनादेश तथा उच्चतम और उच्च न्यायालयों के महत्वपूर्ण निर्णयों को व्यवस्थित रूप से शामिल किया गया है। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और गणमान्य लोग उपस्थित रहे।




