लखनऊ। Neeraj Dwivedi Updated, 22 July 2026
गोरखपुर, 22 जुलाई: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को गोरखपुर की महत्वाकांक्षी 495 करोड़ रुपये की गोड़धोइया नाला पुनरोद्धार परियोजना का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने फातिमा हॉस्पिटल और जेल बाईपास के समीप निर्माण कार्यों का जायजा लेने के बाद जनसभा को संबोधित किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने परियोजना को गोरखपुर के भविष्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि यह केवल एक नाला नहीं, बल्कि शहर को जलभराव, गंदगी और जलजनित बीमारियों से स्थायी राहत दिलाने वाली परियोजना है। उन्होंने समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि उसके शासनकाल में भूमाफियाओं ने सरकारी जमीनों पर फर्जी इंदराज कराकर लोगों को गुमराह किया और जमीनें बेचीं, जबकि भाजपा सरकार ने परियोजना के दौरान प्रभावित लोगों को सम्मानजनक मुआवजा देकर न्याय सुनिश्चित किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गोड़धोइया नाले के पुनरोद्धार से पहले गोरखपुर के उत्तरी क्षेत्र के 17 वार्ड हर वर्ष बारिश के दौरान गंभीर जलभराव की समस्या से जूझते थे। सड़कों पर पानी भर जाता था, लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो जाता था और गंदगी के कारण बीमारियों का खतरा बढ़ जाता था। लेकिन अब नाले का कायाकल्प होने के बाद हाल ही में लगभग 15 घंटे तक हुई मूसलाधार बारिश में भी इन इलाकों में जलभराव नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि नाला अब पूरी क्षमता के साथ वर्षा जल की निकासी कर रहा है और इसका स्वरूप किसी नदी जैसा दिखाई देता है। मुख्यमंत्री ने भरोसा जताया कि शहर के अन्य प्रमुख नालों का भी इसी तरह पुनरोद्धार होने के बाद गोरखपुर में कहीं भी पानी जमा नहीं होगा।
परियोजना की तकनीकी जानकारी साझा करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि 9.5 किलोमीटर लंबे और लगभग 10 मीटर चौड़े गोड़धोइया नाले के साथ 18 किलोमीटर सीवर लाइन बिछाई जा रही है, जिससे अब सीवर का पानी सीधे नाले में नहीं गिरेगा। इसके अलावा 36 एमएलडी क्षमता का सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी), 61 एमएलडी मास्टर पंप स्टेशन और 14 पुलों का निर्माण पूरा हो चुका है। उन्होंने बताया कि अगले चरण में नाले के दोनों किनारों पर सड़क, फुटपाथ, रेलिंग, स्ट्रीट लाइट और हरित पट्टी विकसित की जाएगी ताकि यह क्षेत्र सुरक्षित, स्वच्छ और आकर्षक बन सके। साथ ही लोगों की आवाजाही भी सुगम होगी।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नागरिकों से अपील की कि वे नाले में कूड़ा या गंदगी न फेंकें और किसी भी प्रकार का अतिक्रमण न होने दें। उन्होंने कहा कि यदि जनता प्रशासन के साथ मिलकर इस परियोजना की देखभाल करेगी तो यह आने वाले 50 से 100 वर्षों तक गोरखपुर को जलभराव की समस्या से बचाने में सक्षम रहेगी। उन्होंने बताया कि वर्षा का पानी इस नाले के माध्यम से रामगढ़ताल, तरकुलानी और फिर राप्ती नदी तक पहुंचेगा। यदि नाले में रुकावट या अतिक्रमण हुआ तो जलनिकासी प्रभावित होगी और फिर जलभराव, बदबू तथा बीमारियों जैसी समस्याएं दोबारा पैदा हो सकती हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस परियोजना का सीधा लाभ गोरखपुर के उत्तरी क्षेत्र की लगभग तीन लाख आबादी को मिल रहा है। उन्होंने बताया कि शहर में विकसित हो रहे फोरलेन मार्गों और आधुनिक आधारभूत सुविधाओं से न केवल आवागमन आसान हुआ है बल्कि लोगों की संपत्तियों का मूल्य भी कई गुना बढ़ा है। उन्होंने कहा कि बेहतर सड़कें, मजबूत ड्रेनेज व्यवस्था और आधुनिक शहरी ढांचा निवेश, व्यापार और रोजगार को बढ़ावा देगा। इसी कारण गोरखपुर में लगातार नए व्यावसायिक प्रतिष्ठान और बड़े शोरूम खुल रहे हैं तथा लोगों को खरीदारी और अन्य सुविधाओं के लिए दूसरे शहरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ रहा है।
जनसभा के दौरान अचानक बारिश शुरू होने पर मुख्यमंत्री ने बाहर खड़े लोगों की चिंता करते हुए उन्हें तुरंत जर्मन हैंगर पंडाल के अंदर बुलाने के निर्देश दिए। उनकी इस संवेदनशीलता पर उपस्थित लोगों ने तालियों और नारों के साथ उनका स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने बारिश के बावजूद बड़ी संख्या में कार्यक्रम में पहुंचे नागरिकों का आभार व्यक्त किया और कहा कि जनता का सहयोग ही विकास परियोजनाओं की सबसे बड़ी ताकत है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सांसद रवि किशन शुक्ल ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में गोरखपुर विकास के नए युग में प्रवेश कर चुका है और गोड़धोइया नाला परियोजना इसका सबसे बड़ा उदाहरण है। वहीं महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव ने इसे मुख्यमंत्री की दूरदर्शी सोच का परिणाम बताते हुए कहा कि यह परियोजना आने वाले वर्षों में गोरखपुर को जलभराव की समस्या से स्थायी राहत दिलाने के साथ शहर की तस्वीर और तकदीर दोनों बदलने का काम करेगी।

