अंकित बालियान हत्याकांड में बड़ा एक्शन, दो आरोपी शूटर मुठभेड़ में ढेर

नीरज द्विवेदी। लखनऊ, 31 अगस्त। हरियाणवी सिंगर अंकित बालियान हत्याकांड में उत्तर प्रदेश पुलिस ने बड़ा खुलासा करते हुए दो आरोपी शूटरों को मुठभेड़ में मार गिराया है। शामली कोतवाली क्षेत्र में चेकिंग के दौरान पुलिस और संदिग्धों के बीच मुठभेड़ हुई। पुलिस के मुताबिक दोनों संदिग्धों ने टीम पर फायरिंग की, जिसके बाद आत्मरक्षा में की गई जवाबी कार्रवाई में दोनों घायल हो गए। अस्पताल में डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

मृतकों की पहचान मोहित निवासी सोनीपत और सुमित निवासी कुंडली, सोनीपत के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार दोनों पर 50-50 हजार रुपये का इनाम घोषित था। मुठभेड़ के दौरान आरोपियों की फायरिंग में शामली SWAT टीम के हेड कांस्टेबल हरविंदर और हेड कांस्टेबल प्रदीप भी घायल हुए हैं। दोनों का जिला संयुक्त चिकित्सालय में इलाज चल रहा है।

डीजीपी की दो टूक, गैंग के लिए यूपी में कोई सुरक्षित ठिकाना नहीं

पुलिस मुख्यालय में प्रेसवार्ता करते हुए डीजीपी राजीव कृष्ण ने कहा कि उत्तर प्रदेश की धरती को किसी भी गैंग की शरणस्थली नहीं बनने दिया जाएगा। उन्होंने प्रदेश से बाहर, जेलों या विदेशों में बैठकर आपराधिक साजिश रचने और शूटर भेजने वालों को भी चेतावनी दी।

डीजीपी ने कहा कि अपराधियों को किसी गलतफहमी में नहीं रहना चाहिए। कानून की पहुंच से बचने के लिए कहीं भी छिपने की कोशिश करने वाले अपराधियों तक पुलिस पहुंचेगी। उन्होंने इस कार्रवाई में बेहतर अंतरराज्यीय समन्वय को महत्वपूर्ण बताया।

26 अगस्त को जिम के बाहर हुई थी हत्या

अंकित बालियान की 26 अगस्त की शाम करीब 6:45 बजे शामली कोतवाली क्षेत्र के नालापिरी में हत्या कर दी गई थी। वह फिटनेस जिम से निकलने के बाद अपनी गाड़ी में बैग रख रहे थे। इसी दौरान चार हथियारबंद बदमाशों ने उन पर गोलीबारी कर दी।

घटना के बाद अंकित के पिता की तहरीर पर शामली कोतवाली में चार अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था।

मामले की गंभीरता को देखते हुए हत्याकांड के खुलासे के लिए शामली पुलिस के सहयोग में एसटीएफ मेरठ, गौतमबुद्धनगर और मेरठ जोन के विभिन्न जिलों के 11 अधिकारियों की विशेष टीम गठित की गई। इसमें चार अपर पुलिस अधीक्षक और सात पुलिस उपाधीक्षक शामिल थे।

CCTV और डिजिटल सुरागों से शूटरों तक पहुंची पुलिस

जांच टीम ने ह्यूमन इंटेलिजेंस और टेक्निकल इंटेलिजेंस के जरिए सुराग जुटाए। CCTV फुटेज, आरोपियों की आवाजाही, ठहरने के स्थान, डिजिटल गतिविधियों, भुगतान और आपसी संपर्कों से जुड़े तथ्यों को जोड़ा गया।

जांच आगे बढ़ने के साथ मोहित और सुमित की पहचान हत्याकांड में शामिल बताए गए शूटरों के रूप में हुई। इसके बाद पुलिस ने दोनों की तलाश तेज कर दी।

गोगी गैंग और पुराने गैंगवार का कनेक्शन

पुलिस जांच में हत्याकांड के पीछे गोगी गैंग से जुड़े आपराधिक षड्यंत्र के संकेत भी मिले हैं। पुलिस के मुताबिक 26-27 अगस्त को सोशल मीडिया पर राहुल उर्फ भोलू शाहपुरिया से जुड़े इंस्टाग्राम अकाउंट से अंकित की हत्या की जिम्मेदारी गोगी गैंग द्वारा लिए जाने से संबंधित पोस्ट सामने आया था। इस पोस्ट को भी विवेचना का हिस्सा बनाया गया है।

जांच में गोगी और टिल्लू गैंग के बीच लंबे समय से चले आ रहे विवाद का एंगल भी सामने आया है। पुलिस के मुताबिक 24 सितंबर 2021 को रोहिणी कोर्ट में पेशी के दौरान टिल्लू गैंग के शूटरों ने जितेंद्र मान उर्फ गोगी की हत्या कर दी थी। इसके बाद 2 मई 2023 को तिहाड़ जेल में गोगी गैंग के सदस्य योगेश उर्फ टुंडा और उसके साथियों ने टिल्लू ताजपुरिया की हत्या कर दी थी।

एक गाने ने बढ़ाया था विवाद

पुलिस के अनुसार अंकित बालियान ने ‘भरी कोर्ट में गोली मारेंगे मेरी जान’ गाने में अभिनय किया था। इस गाने को YouTube पर करीब 5.4 करोड़ व्यूज मिलने की बात पुलिस ने बताई है।

पुलिस के मुताबिक अंकित ने यह गाना राहुल पुट्ठी से 55 हजार रुपये में खरीदा था और बाद में इसे वत्स कंपनी को 1.50 लाख रुपये में बेच दिया था। पुलिस का कहना है कि गोगी गैंग ने इस गाने को जितेंद्र मान उर्फ गोगी की हत्या से जोड़कर अपने अपमान के तौर पर लिया।

इसी विवाद को लेकर वर्ष 2022-23 में अंकित को धमकी दिए जाने की बात भी जांच में सामने आई है। अंकित ने कथित तौर पर सफाई दी थी कि गाने में उन्होंने केवल अभिनय किया था और गाना तथा उसकी धुन उनकी नहीं थी।

मोहित पर 14, सुमित पर एक मुकदमा

पुलिस के अनुसार मुठभेड़ में मारे गए मोहित के खिलाफ हरियाणा में करीब 14 मुकदमे दर्ज थे, जबकि सुमित के खिलाफ एक मुकदमा दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। दोनों के अन्य आपराधिक इतिहास की जांच अभी जारी है।

पुलिस टीम को 2 लाख रुपये का पुरस्कार

डीजीपी राजीव कृष्ण ने कार्रवाई में शामिल पुलिस टीम के लिए 2 लाख रुपये के पुरस्कार की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि आपराधिक घटनाओं और उनके पीछे की साजिशों के खिलाफ यूपी पुलिस की कठोर वैधानिक कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।

अंकित बालियान हत्याकांड में पुलिस अब फरार अन्य शूटरों, शरणदाताओं और साजिश में शामिल लोगों की तलाश में जुटी है। पुलिस का कहना है कि मामले से जुड़े हर आरोपी की भूमिका सामने लाकर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

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