नीरज द्विवेदी। कौशांबी। उत्तर प्रदेश के कौशांबी में पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट के बाद प्रशासन ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। मोहम्मदपुर मनौरी में हुए इस हादसे में 11 लोगों की मौत हुई, जबकि कई लोग घायल हुए हैं। घटना के बाद मुख्य आरोपी के ठिकाने पर बुलडोजर चलाया गया है और पुलिसकर्मियों पर भी कार्रवाई की गई है।
मुख्य आरोपी मोहम्मद आदिल का गोदाम जमींदोज
प्रशासन ने मामले के मुख्य आरोपी मोहम्मद आदिल के गोदाम को ध्वस्त करा दिया। अधिकारियों ने अवैध पटाखा निर्माण और विस्फोटक सामग्री के भंडारण से जुड़े अन्य ठिकानों की भी जांच शुरू कर दी है। प्रशासन का कहना है कि जांच में दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
5 पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई
हादसे के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठे हैं। मामले में पिपरी थाना प्रभारी समेत तीन पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर किया गया है, जबकि दो सिपाहियों को निलंबित किया गया। यह कार्रवाई कथित लापरवाही और फैक्ट्री संचालन की जानकारी होने के बावजूद प्रभावी कदम न उठाने के मामले में की गई है।
धमाके से आसपास के मकान भी क्षतिग्रस्त
सोमवार को पटाखा फैक्ट्री में अचानक जोरदार विस्फोट हुआ। धमाका इतना शक्तिशाली था कि फैक्ट्री पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और आसपास के कुछ मकानों को भी नुकसान पहुंचा। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं और राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया।
मृतकों के परिवारों को 2 लाख, घायलों को 50 हजार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हादसे पर गहरा दुख जताया है। प्रधानमंत्री ने PMNRF से मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये की सहायता देने की घोषणा की। मुख्यमंत्री योगी ने भी मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया है।
करीब दो दशक से चल रही थी फैक्ट्री
पुलिस जांच में सामने आया है कि फैक्ट्री लंबे समय से संचालित हो रही थी। आरोप है कि यहां पटाखों के साथ विस्फोटक सामग्री भी तैयार और जमा की जाती थी। बताया गया है कि पूर्व संचालक नौशाद की मौत के बाद उसका बेटा आदिल और भाई शकील फैक्ट्री का संचालन कर रहे थे।
पुलिस के मुताबिक, फैक्ट्री संचालक आदिल 2024 में अवैध पटाखा निर्माण और भंडारण के मामले में जेल जा चुका था। जेल से बाहर आने के बाद भी कथित तौर पर गतिविधियां जारी रहीं।
अब जांच के घेरे में पूरी व्यवस्था
पुलिस ने आदिल समेत कई नामजद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। अब जांच का दायरा फैक्ट्री संचालन से लेकर विस्फोटक सामग्री के भंडारण और संबंधित अधिकारियों की भूमिका तक पहुंच गया है।
प्रशासनिक जांच के बाद हादसे की जिम्मेदारी तय की जाएगी। अधिकारियों ने साफ किया है कि लापरवाही या अवैध गतिविधि में जिसकी भी भूमिका सामने आएगी, उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।

