नीरज द्विवेदी। लखनऊ/सहारनपुर: पंजाब नेशनल बैंक की करेंसी चेस्ट से जुड़ा एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है। सहारनपुर के घंटाघर स्थित सोफिया मार्केट शाखा की करेंसी चेस्ट में ऑडिट के दौरान करीब ₹7.40 करोड़ की संदिग्ध जाली करेंसी मिलने से बैंक और प्रशासन में हड़कंप मच गया। इसके अलावा बैंक मुख्यालय भेजी गई नकदी के मिलान में ₹4.36 लाख की कमी भी सामने आई है।
मामले में दो अलग-अलग FIR दर्ज की गई हैं। ₹7.40 करोड़ की जाली करेंसी के मामले में तीन बैंक अधिकारियों को नामजद किया गया है। इनमें मंडल कार्यालय के वरिष्ठ प्रबंधक रवि कुमार, करेंसी चेस्ट प्रबंधक सुशील शर्मा और हरियाणा के जगाधरी स्थित करेंसी चेस्ट के प्रबंधक अमित कुमार शामिल हैं।
वहीं, ₹4.36 लाख की नकदी कमी के मामले में बैंक के हाउसकीपर विशाल कुमार के खिलाफ FIR दर्ज की गई है।
SIT ने शुरू की जांच
DIG सहारनपुर रेंज अभिषेक सिंह के निर्देशन में DM और SSP ने मौके का निरीक्षण किया। पुलिस और बैंक की टीमें करेंसी की गिनती और रिकॉर्ड से मिलान कर रही हैं। पुलिस के मुताबिक, ₹7.40 करोड़ का आंकड़ा शुरुआती आकलन है। अंतिम राशि बैंक की आधिकारिक जांच और रिपोर्ट के बाद स्पष्ट होगी।
SIT अब बैंक के रिकॉर्ड, करेंसी चेस्ट में नकदी जमा करने वाले कर्मचारियों की जानकारी और CCTV फुटेज की जांच कर रही है। साथ ही यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इतनी बड़ी मात्रा में संदिग्ध नकली करेंसी करेंसी चेस्ट तक आखिर पहुंची कैसे।
बैंकिंग सुरक्षा पर उठे सवाल
करेंसी चेस्ट में अलग-अलग बैंक शाखाओं से नकदी आती है। ऐसे में जांच का अहम बिंदु यही है कि नकली नोट किस स्तर पर सिस्टम में शामिल हुए। पुलिस ने मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश शुरू कर दी है।
इतनी बड़ी मात्रा में संदिग्ध जाली करेंसी का करेंसी चेस्ट से मिलना बैंकिंग व्यवस्था में नकदी की जांच और सुरक्षा प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। अब SIT की जांच से ही पूरे मामले की तस्वीर साफ होने की उम्मीद है।



