Neeraj Dwivedi, Updated, 4 August 2026
लखनऊ: उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए ₹59,019.54 करोड़ का अनुपूरक बजट विधानसभा में पेश किया। मंगलवार को मानसून सत्र के दूसरे दिन वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने सदन में यह बजट प्रस्तुत करते हुए कहा कि सरकार का फोकस विकास परियोजनाओं को गति देने, आधारभूत ढांचे को मजबूत करने और जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर है। यह अनुपूरक बजट राज्य के मूल बजट का 6.47 प्रतिशत है।
इस अनुपूरक बजट में ₹17,399.50 करोड़ राजस्व व्यय और ₹41,620.04 करोड़ पूंजीगत व्यय के लिए निर्धारित किए गए हैं। सरकार का कहना है कि पूंजीगत निवेश बढ़ाकर सड़क, ऊर्जा, उद्योग, स्वास्थ्य और ग्रामीण विकास जैसे क्षेत्रों में दीर्घकालिक विकास सुनिश्चित किया जाएगा। साथ ही नई योजनाओं और नई मांगों के लिए ₹7,854.25 करोड़ की अलग व्यवस्था भी की गई है।
उद्योग और निवेश पर सबसे बड़ा दांव
सरकार ने इस बार सबसे अधिक राशि भारी एवं मध्यम उद्योग विभाग को दी है। विभाग के लिए ₹22,107.88 करोड़ का प्रावधान किया गया है। सरकार का मानना है कि इससे प्रदेश में नए निवेश आकर्षित होंगे, रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और औद्योगिक विकास को नई गति मिलेगी।
गांवों के विकास पर विशेष जोर
ग्रामीण क्षेत्रों की तस्वीर बदलने के उद्देश्य से ग्राम विकास विभाग को ₹17,942.73 करोड़ आवंटित किए गए हैं। इस राशि का उपयोग ग्रामीण सड़कें, पंचायत विकास, आजीविका, मूलभूत सुविधाओं और गांवों की आधारभूत संरचना को मजबूत करने में किया जाएगा।
ऊर्जा और स्वास्थ्य को भी मिला बड़ा प्रोत्साहन
प्रदेश में निर्बाध बिजली आपूर्ति और ऊर्जा अवसंरचना के विस्तार के लिए ऊर्जा विभाग को ₹7,422.27 करोड़ दिए गए हैं। वहीं चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के लिए ₹2,000.25 करोड़ का प्रावधान किया गया है, जिससे अस्पतालों और स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बनाया जाएगा।
समाज कल्याण और महिला सशक्तीकरण पर फोकस
सरकार ने समाज कल्याण विभाग के लिए ₹1,655 करोड़ और महिला कल्याण विभाग के लिए ₹1,094.40 करोड़ की व्यवस्था की है। इसके अलावा लोक निर्माण विभाग (PWD) को ₹700.01 करोड़ दिए गए हैं, जिनका उपयोग सड़क और पुल निर्माण जैसी परियोजनाओं में किया जाएगा।
वित्त मंत्री बोले, राजकोषीय घाटा पूरी तरह नियंत्रण में
वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने सदन को भरोसा दिलाया कि उत्तर प्रदेश की वित्तीय स्थिति मजबूत है और राज्य का राजकोषीय घाटा निर्धारित सीमा के भीतर है। उन्होंने कहा कि सरकार विकास कार्यों और वित्तीय अनुशासन के बीच संतुलन बनाए रखते हुए आगे बढ़ रही है।
अब ₹9.71 लाख करोड़ से अधिक हुआ राज्य का कुल बजट
वित्तीय वर्ष 2026-27 का मूल बजट ₹9,12,696.35 करोड़ था। अब ₹59,019.54 करोड़ के अनुपूरक बजट को जोड़ने के बाद राज्य का कुल बजट बढ़कर ₹9,71,715.89 करोड़ हो जाएगा। इसमें पूंजीगत व्यय में उल्लेखनीय वृद्धि की गई है, जो सरकार के इंफ्रास्ट्रक्चर और विकास केंद्रित दृष्टिकोण को दर्शाता है।
सेक्टरवार बंटवारा
अनुपूरक बजट में आर्थिक सेवाओं को सबसे अधिक ₹45,568.63 करोड़ (करीब 77%) आवंटित किए गए हैं। इसके अलावा सामाजिक सेवाओं के लिए ₹9,707.74 करोड़ (16%), सामान्य सेवाओं के लिए ₹633.19 करोड़ (1%) और कर्ज एवं उधार दायित्वों के लिए ₹3,110.02 करोड़ (6%) की व्यवस्था की गई है। इससे स्पष्ट है कि सरकार का मुख्य फोकस विकास, निवेश और आधारभूत ढांचे को मजबूत करना है।



