आगामी पर्व-त्योहारों से पूर्व 681 प्रमुख मार्गों को प्राथमिकता के आधार पर गड्ढामुक्त करने के निर्देश
नीरज द्विवेदी। लखनऊ, 11 सितंबर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में बारिश एवं बाढ़ के कारण क्षतिग्रस्त हुई सड़कों की तत्काल मरम्मत कर उन्हें आवागमन योग्य बनाए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान में वर्षा का क्रम जारी है, इसलिए सड़कों की स्थिति की निरंतर निगरानी की जाए तथा वर्षा के कारण नए सिरे से क्षतिग्रस्त होने वाले मार्गों का भी तत्काल सर्वेक्षण कराया जाए।
शुक्रवार को लोक निर्माण विभाग की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने निर्देशित किया कि आगामी पर्व-त्योहारों को दृष्टिगत रखते हुए प्रमुख मार्गों की मरम्मत एवं आवश्यक नवीनीकरण का कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण किया जाए। उन्होंने कहा कि गड्ढामुक्ति अभियान को केवल पैचवर्क तक सीमित न रखा जाए। जिन मार्गों की स्थिति अत्यधिक खराब है, उन्हें तत्काल मोटरेबल बनाया जाए तथा वर्षा ऋतु समाप्त होने के उपरांत आवश्यकता के अनुसार उनका स्थायी नवीनीकरण कराया जाए।
681 प्रमुख मार्ग प्राथमिकता में
आगामी पर्व-त्योहारों के दृष्टिगत प्रदेश में 681 महत्वपूर्ण मार्गों को चिन्हित किया गया है। इनमें गणेश चतुर्थी, विश्वकर्मा पूजा, नवरात्रि, दीपावली, छठ पूजा एवं कार्तिक पूर्णिमा के दौरान अधिक आवागमन वाले मार्ग शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने इन मार्गों को प्राथमिकता के आधार पर गड्ढामुक्त एवं सुगम बनाए जाने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्वों के दौरान श्रद्धालुओं एवं आमजन की आवाजाही को देखते हुए प्रमुख मार्गों पर यातायात व्यवस्था सुचारु रहनी चाहिए। इसके लिए आवश्यक मरम्मत कार्य समय से पूर्व पूर्ण किए जाएं।
शिक्षण संस्थानों एवं चिकित्सालयों के मार्गों पर विशेष ध्यान
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि शिक्षण संस्थानों, चिकित्सालयों, प्रमुख बाजारों, शासकीय कार्यालयों तथा अन्य सार्वजनिक स्थलों को जोड़ने वाले मार्गों को प्राथमिकता के आधार पर चिन्हित कर तत्काल मरम्मत कार्य प्रारंभ कराया जाए। उन्होंने कार्यों में तेजी के साथ-साथ निर्माण एवं मरम्मत की गुणवत्ता सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया।
9 विभागों की 4.36 लाख किमी सड़कों की समीक्षा
बैठक में बताया गया कि गड्ढामुक्ति अभियान के अंतर्गत 9 विभागों के लगभग 4.36 लाख किलोमीटर मार्ग शामिल हैं। वर्तमान अभियान के तहत करीब 50 हजार किलोमीटर मार्गों को गड्ढामुक्त किए जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अब तक लगभग 5,751 किलोमीटर मार्गों पर कार्य पूर्ण किया जा चुका है।
अतिवृष्टि के अतिरिक्त एक्सप्रेस-वे, राष्ट्रीय राजमार्ग एवं रेलवे सहित विभिन्न निर्माणाधीन परियोजनाओं के कारण भारी वाहनों की आवाजाही से क्षतिग्रस्त हुए मार्गों का भी विभागवार सर्वेक्षण कराया जा रहा है। सर्वेक्षण के आधार पर क्षतिग्रस्त मार्गों को चिन्हित कर विभागवार लक्ष्य निर्धारित किए जाएंगे।
नवीनीकरण एवं विशेष मरम्मत कार्यों की भी समीक्षा
बैठक में नवीनीकरण एवं विशेष मरम्मत कार्यों की प्रगति की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि करीब 30 हजार किलोमीटर मार्गों के नवीनीकरण तथा लगभग 5 हजार किलोमीटर मार्गों की विशेष मरम्मत का लक्ष्य निर्धारित है। नवीनीकरण के अंतर्गत अब तक करीब 14 हजार किलोमीटर तथा विशेष मरम्मत के अंतर्गत करीब 700 किलोमीटर मार्गों पर कार्य पूर्ण किया जा चुका है।
मुख्यमंत्री ने संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश देते हुए कहा कि सड़कों की मरम्मत एवं नवीनीकरण में अनावश्यक विलंब न हो। उन्होंने स्पष्ट किया कि आमजन को सुगम एवं सुरक्षित आवागमन उपलब्ध कराना शासन की प्राथमिकता है।
बैठक में जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’, पंचायती राज मंत्री ओमप्रकाश राजभर, राज्य मंत्री लोक निर्माण विभाग ब्रजेश सिंह, राज्य मंत्री औद्योगिक विकास विभाग जसवंत सिंह सैनी, राज्य मंत्री जल शक्ति रामकेश निषाद तथा राज्य मंत्री ग्राम्य विकास विजय लक्ष्मी गौतम सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।



